सीकर-दांतारामगढ़ में सियासी सवामणी, पायलट के दौरे से गरमाई राजस्थान कांग्रेस की राजनीति
सीकर-दांतारामगढ़ में सियासी सवामणी, पायलट के दौरे से गरमाई राजस्थान कांग्रेस की राजनीति
सीकर-दांतारामगढ़ में सियासी सवामणी, पायलट के दौरे से गरमाई राजस्थान कांग्रेस की राजनीति
सीकर
सीकर जिले में शनिवार को आयोजित एक धार्मिक सवामणी कार्यक्रम अचानक सियासी शक्ति प्रदर्शन में बदल गया। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी नारायण सिंह और दांतारामगढ़ विधायक वीरेन्द्र सिंह के तुलसीरामपुरा फार्महाउस पर हुए इस आयोजन में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की मौजूदगी ने इसे खास बना दिया। पायलट के जिले में प्रवेश करते ही सरगोठ से रानोली तक कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। अखैपुरा टोल पर जेसीबी से पुष्पवर्षा की गई, जबकि कार्यक्रम स्थल पर समर्थकों में उन्हें माला पहनाने की होड़ मच गई। पायलट ने पहुंचते ही वरिष्ठ नेता नारायण सिंह के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, वहीं विधायक वीरेन्द्र सिंह ने उनका साफा और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सांसद अमराराम, पूर्व केंद्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला, विधायक राजेंद्र पारीक, मुकेश भाकर, अभिमन्यु पूनिया, अनिल चोपड़ा, विधायक सुरेश मोदी, सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। दिलचस्प बात यह रही कि पायलट के पहुंचने से पहले ही डोटासरा अपने राजनीतिक गुरु नारायण सिंह से मुलाकात कर चुके थे। सीकर, जो डोटासरा का गृह जिला है, पहले से ही प्रदेश नेतृत्व को लेकर चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। हालांकि आयोजन धार्मिक सवामणी के नाम पर था, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। शेखावाटी की राजनीति में यह क्षेत्र हमेशा से बदलाव की आहट देने वाला माना जाता रहा है। अब सवाल उठता है—क्या यह आयोजन कांग्रेस संगठन में किसी बड़े बदलाव का संकेत है या सिर्फ ताकत दिखाने की कवायद? फिलहाल इसका जवाब भविष्य के गर्भ में है, लेकिन इतना तय है कि राजस्थान कांग्रेस की राजनीति एक नए मोड़ की ओर बढ़ रही है।

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