महेशम श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कृष्ण लीला, कंस वध एवं रुक्मणी विवाह का मंगल प्रसंग
राधा रानी के चरण, महारानी के चरण... भूल मत जाइये राधा रानी के चरण... संकीर्तन पर झूमे हजारों श्रद्धालु
महेशम श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कृष्ण लीला, कंस वध एवं रुक्मणी विवाह का मंगल प्रसंग
राधा रानी के चरण, महारानी के चरण… भूल मत जाइये राधा रानी के चरण… संकीर्तन पर झूमे हजारों श्रद्धालु
सीकर।
स्व. महेश जी सिंधी की पावन स्मृति में आयोजित महेशम श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन व्यास पीठ से अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक इन्द्रेश जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, कंस वध एवं रुक्मिणी विवाह के मंगल प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
इन्द्रेश जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए भक्ति, प्रेम और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। कंस वध के प्रसंग के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। वहीं रुक्मिणी विवाह के पावन प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
कथा के दौरान “राधा रानी के चरण, महारानी के चरण, भूल मत जाइये राधा रानी के चरण” जैसे भक्ति संकीर्तन पर कथा पंडाल में मौजूद श्रद्धालु झूम उठे। पूरा वातावरण भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के जयकारों से गूंज उठा।
रुक्मिणी विवाह के अवसर पर आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसे देखकर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर मंगल विवाह का उत्सव मनाया। हजारों श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगे नजर आए।
इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सीएलसी चेयरमैन श्रवण चौधरी, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष कमल सिखवाल एवं पूर्व विधायक राजकुमारी शर्मा, रामेश्वर रणवा, अरावली कॉलेज के निदेशक पवन जोशी, लोहार्गल से अवधेशाचार्य जी महाराज, युगल शरण जी महाराज रेनवाल, मनोहर शरण जी महाराज पलसाना, संत महेश, श्याम मंदिर खाटूश्याम कमेटी के कोषाध्यक्ष रविंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मीडिया प्रभारी संजय मोर ने बताया कि इस अवसर पर सिंधी समाज सीकर, पारीक सोशल ग्रुप, गौ ग्रास संगठन सीकर लायंस क्लब सीकर, श्री गोपीनाथ गौशाला समिति आयोजन समिति के सदस्य एवं कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाले रखी, आज श्रद्धालुओं की भीड़ ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, व्यवस्थाएं छोटी पड़ने लग गई, इंद्रेश जी महाराज की मधुर वाणी और कृष्ण भक्ति का रंग लोगो के सर चढ़कर बोल रहा है।सभी ने श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं। भक्ति, संगीत और संकीर्तन से पूरा कथा पंडाल आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

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